महाविद्यालय द्वारा छात्राओ के लिए संचालित कल्यापाकारी योजनाएं
नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण योजना -
यद्यपि महाविद्यालय के विद्वान व्याख्याताओ द्वारा नियत समय पर न केवल पाठ्यक्रम पूर्ण जाया जाता है अपितु छात्राओं को उत्कृष्ट नोट्रस उपलब्ध कराये जाते है , तथापि छात्राओं कं स्वाध्याय के लिए प्रवेश के समाय ही बुकबैंक से पाठ्य पुस्तकें निशुल्क सत्र पर्यन्त प्रदान की जाती है । प्रदेश के बाद छात्राएं पुस्तकालयाध्यक्ष से सम्पर्क कर पाट्य पुस्तकें प्राप्त करें।
टॉपर छात्राओ को टेबलेट वितरण योजना
छात्राओं को अभिप्ररेणा प्रदान करने , उनमें स्वस्थ प्रतियोगिता का विकास करने एवं मेधावी छात्राओँ के उत्साहवर्धक हेतु 2012- 13 में यह योजना प्रारम्भ की गई । जिसके अन्तर्गत कला, विज्ञान ,वाणिज्य एवं कम्यूटर संकाय की स्नातक स्नातकोत्तर स्तर की परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली छात्राओ र्का वार्षिकोत्सव में टेबलेट पुरस्कार स्वरुप प्रदान कर सम्मानित किया जाता है । इस वर्ष 2016-17 में उच्च अंक प्राप्त छात्राओं को टेबलेट वितरित किये गये है ।
शैक्षणिक भम्रण योजना -
महाविद्यालय की छात्राएं शैक्षणिक भम्रण के लिए सर्वाधिक उत्साहित रहती है । छात्राओं द्वारा सामान्यता राज्य के बाहर के ऐतिहासिक, भौगोलिक, धार्मिक रमणीय पर्यटक स्थलों पर शैक्षणिक भम्रण आयोजित करने का प्रस्ताव किया जाता है जो आर्थिक रुप से काफी खर्चीले होते है । महाविद्यालय प्रबंधन छात्राओं से अंशदान स्वरुप नाममात्र का शुल्क लेता है तथा शेष व्यय महाविद्यालय द्वारा स्वय : वहन जिया जाता है जो छात्राओं द्वारा एकत्र किए गए शुल्क से कई गुना ज्यादा होता है ।
कॉलेज बस सुविधा -
कॉंलज बस सुविधा महाविद्यालय की सर्वाधिक महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना है । उच्च शिक्षा को दूर दराज के गांवों, ढाणियों तक पहुँचाना महाविद्यालय का मिशन रहा है अत: महाविद्यालय द्वारा कॉलेज बस संचालन आर्थिक लाभ के लिए नहीं बल्कि छात्राओ को सेवा प्रदान करने कं लिए किया जाता है। विश्वविद्यालय परीक्षा काल में छात्राआँ को नि शुल्क बस सुविधा प्रदान की जाती है।
राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) -
राष्टीय सेवा योजना (एन. एस. एस. ) द्वारा छात्राआँ को उसके शिक्षण काल में ही सामाजिक संस्कारो से जोड़कर सहभागिता द्धारा व्यक्तित्व निखारने का अवसर दिया जाता है । साथ ही उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग करके अपनी सामाजिक भूमिका सुनिश्चित करने की समझ भी विकसित की जाती है । यह योजना कक्षा कक्ष अध्ययन एवं सामाजिक परिस्थितियों के बीच का सेतु है । छात्राओं को सलाह दी जाती है कि वह सामाजिक दायित्व, समर्पण की भावना एवं व्यक्तित्व विकास हैतु राष्ट्रीय सेवा योजना के सदस्य बने।
राष्ट्रीय सेवा योजना में छात्राओं को तीन, एक दिवसीय शिविरों और नियमित गतिविधियों के अन्तर्गत 120 घण्टे कार्य करना होता है । नियमित गतिविधियों मैं महत्वपूर्ग दिवस, सप्ताह मनाना, विचार गोष्ठियां, वाद -विवाद , लेख , पोस्टर निर्माण , आशु भाषण, गोद ली गई बस्ती में चेतना व जन जागृति के प्रयास सम्मिलित है। सत्र में एक सात दिवसीय विशेष शिविर भी लगाया जाता है जिसमें स्वयं सेवकों को अपने रूचि के क्षेत्र में 120 घंटे कार्य वरना होगा । इसके अन्तर्गत पुन र्विन्यास, वाद - विवाद, विज्ञान, कार्यक्रम, सामूहिक चर्चा, नुक्कड़ नाटक, व्याख्यान, कार्यशाला आदि आयोजित किए जाते है । इन कार्यक्रमों के प्रमुख विषय साक्षरता , स्वास्थ्य , पर्यावरण , जल संरक्षण , एड्स के प्रति जागरूकता मैं महिला सशक्तिकरण आदि होते है । शिविर में विभिन्न गतिविधियों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाली छात्राओ को पुरस्कृत किया जाता है । वर्तमान में महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना की दो इकाई कार्यरत है जिनमे 200 स्वयं सेवक पंजीकृत किये जाते है।
खेलकूद -
शिक्षा का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थी का सर्वागीण विकास वरना है । इस दृष्टि से ज्ञान कीं प्राप्ति के साथ - साथ महाविद्यालय में खेलकूद कीं समुचित व्यवस्था है । महाविद्यालय मैं खो-खो , क्रिकेट, टेनिस, बैडमिन्टन, बॉस्केटबॉल, शतरंज आदि समस्त खेलों हेतु सुविधाएं व खेल मैंदान है । खिलाडियों में कौशल विकास व दक्षता हेतु खेल विशेषज्ञों की सेवाएं भी उपलब्ध करवायी जाती है है तथा प्रशिक्षकों की देखरेखमें विशेष खेल सत्रों का भी आयोजन किया जाता है।
महाविद्यालय में प्रतिवर्ष अन्तरकक्षा व अन्तर संकाय खेलकूद प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती है । जिनमें छात्राएं को उत्साह से भाग लेती है । विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में यह महाविद्यालय भाग लेता रहा है । महाविद्यालय ने अन्तर विश्वविद्यालय खो - खो प्रतिगोगिता मे विगत वर्ष में सोफिया कॉलेज को हराकर देवली का नाम रोशन किया है।
रोवर स्काउटिंग -
छात्राओं में सेवा भावना एवं कर्त्तव्य बोध जाग्रत करने हेतु महाविद्यालय में रोवर स्काउट गतिविधियों में भाग लेने की सुविधा उपलब्ध है । रोवरिंग में भ्रातृत्व भावना का विकास होता है ।रेंफका उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वालम्बन, अनुशासन एवं जनसेवा की भावना जाग्रत वरना है। इसका मुख्य उद्देश्य है - "एक शुभ कार्य प्रतिदिन"।
